Friday, August 31, 2018

ऐसी डरावनी जगहों पर शादी क्यों कर रहे हैं लोग?

हर कोई चाहता है कि उसकी शादी कुछ अलग और यादगार हो. तो फिर शादी के लिए ऐसी जगह क्यों न ढूंढ़े जहां आप इतना डर जाएं कि आपके पसीने छूट जाएं?
कुछ ऐसी ही शादी अमरीका के एक कपल ने की. उन्होंने यूटा के मोआब में एक विशाल खाई के ऊपर प्लास्टिक का एक नेट लगाया और वहीं उनकी शादी हुई.
सच कहें तो उनकी शादी की तस्वीरें देखकर ही चक्कर आ जाता है. शादी का वेन्यू इतनी ऊंचाई पर है कि पूछिए मत और नीचे गहरी खाई.
वैसे तो उनकी शादी पिछले नवंबर में ही हो गई थी लेकिन चूंकि अभी फिर शादियों का सीज़न है, उनकी शादी का वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है.
पहले कुछ वायरल साइट्स ने उनका वीडियो शेयर किया, जिसके बाद ये इंटरनेट पर छा गया. दूल्हा और दुल्हन दोनों ही प्रोफ़ेशनल स्लैकलाइनर (रस्सी पर चलने वाले) हैं, इसलिए शायद उन्हें शादी का ऐसा वेन्यू तय करने में ज़्यादा दिक्कत न हुई हो.
दुल्हन का नाम किम्बर्ली वेग्लिन ने शादी के बाद एक फ़ेसबुक पोस्ट लिखी और बताया कि उन्होंने इसके लिए कैसे-कैसे इंतज़ाम किए थे.
किम्बर्ली ने लिखा, "हमने एमारे नीचे कुछ एरियल आर्टिस्ट सिल्क और फ़ाइबर पर परफ़ॉर्म कर रहे थे. कुछ लड़कियां भी थीं जिन्होंने पैराशूट में गुलाब की पंखुड़ियां भरकर हमपर बिखेरे और बैले डांस किया."
इतना ही नहीं उनके दोस्त उनके चारों तरफ़ रस्सी पर खड़े थे.
ये तो रही शादी के वेन्यू की बात. कपल के रिसेप्शन का वेन्यू भी कम रोमांचक नहीं था. उन्होंने रिसेप्शन पार्टी दी एक विशाल रेगिस्तान में.
किम्बर्ली और उनके पति रायन जेंक्स ने इस बात का पूरा ख़याल रखा था कि उनके दोस्त और परिजन सुरक्षित रहें. उनके लिए दोनों ने सुरक्षा के ख़ास इंतज़ाम किए थे.
किम्बर्ली और रायन ऐसे पहले कपल नहीं हैं जिन्होंने शादी के लिए इतना डरावना वेन्यू चुना.
इससे पहले जॉर्जिया के अटलांटा ने एक कपल ने पानी के अंदर शादी की थी जहां वो चारों तरफ़ से शार्कों से घिरे हुए थे.
वैसे तो शार्क आम तौर पर इंसानों पर हमला नहीं करतीं. उनके विशाल जबड़ों की वजह से वो ज़्यादा डरावनी लगती हैं. लेकिन फिर भी उनके बीच शादी करने की करने का ख़याल अपने आप में कम डरावना नहीं है.
साल 2009 में तो एक कपल ने 'ज़ीरो ग्रैविटी' वाली शादी की थी. न्यूयॉर्क सिटी के एक कपल ने इसके लिए एक ख़ास तरीके से डिज़ाइन किया बोइंग एयरक्राफ़्ट चुना था.
हालांकि वो सचमुच स्पेस में नहीं गई थे बल्कि मेक्सिको की खाड़ी से हज़ारों फ़ीट उड़े थे, जहां पायलट ने 'ज़ीरो ग्रैविटी' इफ़ेक्ट का इंतज़ाम किया.
इन शादियों में ख़तरे कम नहीं होते लेकिन अगर पूरी तैयारी की जाए तो इन्हें हमेशा के लिए यादगार बनाया जा सकता है.

Wednesday, August 29, 2018

数据图:解析中国风电存在的浪费现象

中国风电装机总量远高于世界平均水平,但是中国去年的实际风力发电量却比美国低20%。

中国拥有很多相互矛盾的“世界第一”,特别是在能源领域。中国煤炭产量和消费量居世界首位,同时对可再生能源的投资也高于其他国家。中国政府将风电作为清洁能源领域的发展重点和增加就业的潜在市场,自2010年起,中国就拥有了世界上规模最大、发展速度最快的风电市场,然而由于规划不当,很多新建风电场闲置或是未接入电网。
中国电力传输、电网布局及其行政管理体系不统一,影响风电行业快速发展。很多风电场都位于远离主要电网的偏远地区。2010年,中国超过30%的风电场未接入电网。因此,很多能源专家称其为“垃圾电”。

弃风现象在中国北方地区最为常见,这里冬季寒冷多风,对供暖有较高而稳定的需求。满足这一需求,需要可以同时供热、供电的燃煤电厂。由于风电场仅能提供电力,因此即便接入电网,使用量也很有限。在内蒙古、吉林和甘肃等地,弃风率高达20%最近,整合风电入网工作有了新的进展。今年,中国计划使可再生新能源电力消费量所占比例达到11%。接入电网的风电场数量不断增加, 年未接入电网的风轮机比率为19%,2013年进一步下降到15%。北方地区大量风电供暖试点项目投入运营,大幅减少了弃风现象和煤炭使用量。去年,中国平均弃风率已下降到11%。

美国也在努力解决风电使用率较低的问题。美国2012年和2013年的弃风率分别低至4%,和1%,但2009年时这一数字也是高达 。

曾在威尔逊中心工作的乔安娜·刘易斯写过一本关于中国风电发展的专著。她在一次采访中说:“中国的风电场可作为世界风电发展的实验室,很多国家都可以借鉴中国风电快速发展的经验。”如果中国想实现自己制定的清洁能源领域的目标以及其他国家敦促它达成的目标,中国还需要尽快总结经验教训。

资料来源:中国电力企业联合会、中国国家可再生能源中心、气候中心、能源集团、福布斯、全球风能协会、中国国家能源局、美国国家可再生能源实验室、美国能源信息管理局。特别感谢麦克尔·戴维逊和乔安娜·刘易斯。

资料来源:中国电力企业联合会、国家可再生能源中心、非盈利组织气候中心、能源集体网站、《福布斯》杂志、全球风能协会、中国国家能源局、美国国家能源部可再生能源实验室、美国能源资料协会( );特别鸣谢迈克尔·戴维森及乔安娜·刘易斯。

本文原载于“环境变化和安全项目”博客,即中国环境论坛的新安全报道专栏。。

Friday, August 17, 2018

退潮之后:后补贴时代的渔村

别人眼里辽阔的大海,在浙江舟山的渔民魏其勇眼里却显得“拥挤”。
东海—中国最富有生产力的渔场之一,进入冬季,他却得为在哪里撒网而担忧。随着气温下降,鱼钻入深水,只有占据有利的位置才能保证一趟出海捕鱼的收入。但现在,“去哪里都是船,有时候还找不到下网的地方,”他抱怨说。
40岁的魏其勇有22年的捕鱼经验。在这些年中,他见证了中国渔业的大发展,竞相出海的渔船仿佛一下子塞满了看似一望无际的大海。
“好像马路就是这么宽,但车越来越多。”魏其勇这样比较。在海上,各地的渔民会为了争夺好的“地盘”而起争执。魏其勇说,互相之间打起来也不是稀罕事,他的渔网就曾经在山东海域被人用刀割破。“所以后来就是知道那一带有鱼,也不敢去了。”
如今,他和妻子有不少精力花在自家开在海边的民宿上。和很多他的同乡渔民一样,魏其勇正在渔业面临“退潮”的时刻,寻找新的生计与出路。

补贴退潮

从上世纪90年代中期开始,中国面对迅猛发展的渔业和随之而来的资源环境压力,开始主张要降低海洋捕捞强度,让海洋渔场休养生息。此后,渔船数量虽有所控制,但渔船总功率一直持续增长,捕捞量屡屡创出新高。根据《2017中国渔业统计年鉴》,在2016年底,全国海洋机动渔船超过26万艘,总功率1700余万千瓦,近海捕捞量1328万吨,远超中国农业部和渔业专家所建议的800-900万吨合理捕捞量。
这种迅猛增长背后,一项政策措施的助力不容忽视。2006年左右,伴随国际原油价格持续上涨,国内柴油价格不断攀升,为了缓解渔民生产上的困难,中国政府开始按照渔船大小和作业时间实施燃油补贴。
美国智库国家亚洲研究局的渔业专家 这一政策的转向发生在2015年。这一年,财政部公开表示,过去的补贴政策“扭曲了价格信号”,与鼓励渔民减少渔船并转产的政策发生了冲突,要逐步减少补贴额,力争到2019年将油价补贴降至2014年补贴水平的40%。政策出台有国内和国际双重背景。在国内,对生态文明的强调和渔业资源环境保护的压力,加之燃油补贴造成的巨大财政负担,导致了政策的调整。在国际上,中国在G20框架下的关于减少化石能源补贴的自愿行动中提出了在2030年之前持续改革渔业燃油补贴的目标。新政策直接反映到了魏其勇的账上。2016年他获得的燃油补贴约为11万元,比上一年少了近20万之多。以他350马力的渔船为例,一年收入约为200万,其中约100万用于支付船员工资,30-40万为燃油成本,另有大概30万用来购买和维修网具,只有不到30万留下来给自己和家人。他的渔船购于2011年,当初贷了100多万元的款,几年下来只还了利息,本金都还欠着。这样算下来,一年到头真正可自由支配的正是拿到手的燃油补贴,这加大了他心里的压力,“都得靠着捕鱼挣回来。” 他的家乡舟山衢山岛凉峙村现有17艘帆张网捕鱼船,已经大不如渔业兴盛的时期的40艘。而船长们都抱怨补贴还是减少得太多。在《海洋政策》上发表的一项研究计算了从2006年到2013年中国渔船燃油补贴的规模(表1),显示在8年间,国家给予渔业的燃油补贴(包含近海捕捞和远洋渔业)从31亿元增长到了381亿元的规模,其中很大一部分给到了像魏其勇这样的近海捕捞渔民手中。研究认为,燃油补贴不利于渔业可持续发展。与之对应的是,2013年中国中央政府层面的节能环保预算仅为93.7亿元。
帆张网是岛上的渔船常用的捕捞方式。捕鱼时将船锚固定在海里,渔网张在渔船两侧,通过水潮将鱼带入网中。按照中国渔业相关规定,渔民们必须使用大网眼的渔网以保护幼鱼。舟山所在的浙江省进一步规定小于一定长度的幼鱼不得在市面上出售。但是入冬以后,船长们都暗自在大网里再套上一层网眼细密到只有几毫米的衬网,再小的鱼也能捕上来。
“如果按照规定,我们就出一趟亏一趟,自己也知道要把海洋资源搞坏的。“魏其勇解释说,”但是没办法,小鱼也很值钱,可以做鱼粉。看着一趟出去要亏了就要用,赚回人工费。”
违规使用网具在渔民们中间是公开的秘密,但谁也不愿意吃眼前亏,即便是人人都尝到了资源保护的益处。
2017年秋季开渔后头两个月的收成比以往大多数年份好,船长们心里都轻松不少,他们中许多人将此归因为休渔期的延长。”头一个月出去一次有50来万收入,老板怎么会不高兴?“一位船员嘟囔着。2017年,中国统一了各海区的休渔时间,在东海,绝大部分渔船休渔4个半月,比过去长了1月。
可是短暂的丰收让衢山镇政府的减船计划受挫。副镇长陈明在办公室里接待来访的渔民,他们听说政府有进一步延长禁渔期的计划,再加上今后渔船燃油补贴进一步减少,有的人抱怨这会让小渔民破产。陈明说,镇政府成立了专门的工作组去动员渔民上岸,如今衢山全岛拥有渔船842艘,比上一年减少119艘,但是现在一看渔获好了,有的渔民就打算买新船,重操旧业。虽然政策不允许渔民们转让捕捞许可等各种捕鱼的准入证,但难以禁止私下的交易。“估计一半左右会复产。”陈明为难的说。就像退潮过程中的海浪一样,近海渔业的压减也有波动和反复。
衢山岛上,伴着海岸线的村庄世代都以捕鱼为生。数百年来,赶海人追着季节性洄游的鱼群而来,由大陆逐渐迁往舟山群岛定居,在那里建起了中国最大的海鲜市场。长江和钱塘江带来了陆地上丰富的有机质,季风和气流季节性的在岛屿周围交汇,这些不同的水系和变化的海床带来了数不尽的鱼群。在岛上人的记忆中,甚至只要海边一走,就能徒手抓到那些离岸不远大大小小的鱼。但现在,渔业资源的衰退正深刻的改变着这里的样貌,捕鱼变得越来越不受欢迎。
凉峙的沙滩,环抱在山丘海岛间,开阔又柔软。2016年,这里的沙滩突然间在互联网上走红,蜂拥而至的游客让村里人喜出望外——车队把唯一一条大马路挤得水泄不通,一直堵到几公里之外。

Monday, August 13, 2018

प्रेस रिव्यू: 'अच्छे दिन आने वाले हैं' से डर गए थे अंग्रेज़

यह वो नारा या है या वो पंचलाइन है जिसे बीजेपी ने साल 2014 के आम चुनाव से पहले वोटरों को रिझाने के लिए इस्तेमाल किया था.
दरअसल इसी शीर्षक की एक कविता आज़ादी से पहले लिखी गई थी.
कविता कुछ इस तरह थी-
ऐ मादरे हिंद न हो ग़मग़ीन, अच्छे दिन आने वाले हैं. आज़ादी का संदेश तुझे अब जल्द सुनाने वाले हैं. मां तुझको जिन जल्लादों ने दी है तकलीफ़ जईफी में, मायूस न हो, मगरूरों को हम अब मज़ा चखाने वाले हैं.
अंग्रेज सरकार इस कविता से इतना डर गई थी कि उसने इस पर प्रतिबंध लगा दिया.
अभी यह कविता दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय की प्रतिबन्धित साहित्य प्रदर्शनी में लगी हुई और काफ़ी लोगों का ध्यान खींच रही है.
इस कविता का संकलन घासीराम शर्मा ने गीतांजलि नाम की किताब में किया था. हालांकि ये पता नहीं लग पाया है कि ये कविता लिखी किसने है.
यह ख़बर
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में एक रिपोर्ट है जो सरकार और न्यायपालिका के बीच का मतभेद उजागर करती है.
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने हाई कोर्ट के जजों के लिए सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के सुझाए 50% से ज़्यादा नामों पर किसी न किसी तरह की आपत्ति जताई है.
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की तरफ़ से केंद्र सरकार को अब तक 126 जजों के नामों की सिफ़ारिश भेजी गई है, जिनमें से सरकार ने आधे से ज़्यादा नामों में को
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ही एक और रिपोर्ट है, जो बताती है कि भारत में सिर्फ 2% ट्रांसजेंडर अपने माता-पिता के साथ रहते हैं.
यह जानकारी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से कराए गए एक अध्ययन में सामने आई है.
अध्ययन से यह भी पता चला है कि तक़रीबन 57% ट्रांसजेंडर सेक्स असाइन्मेंट सर्जरी (सेक्स चेंज ऑपरेशन) कराना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से ऐसा नहीं कर सकते.
ई न कोई कमी निकाल दी.
इससे पहले सरकार ने कोलेजियम नामों की सिफ़ारिशों पर परिवारवाद का आरोप भी लगाया था.
दैनिक जागरण की एंकर स्टोरी है.
आधार पर जारी विवादों के बीच यूनीक आइडेंटिफ़िकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) ने अब लोगों को यह बताने की योजना बनाई है कि सुरक्षित तरीके से आधार नंबर का इस्तेमाल कैसे किया जाए. यानी, कहां आधार नबंर शेयर किया जाए और कहां नहीं.
यह ख़बरनवभारत टाइम्स में है.
यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने कहा है कि आधार के इस्तेमाल से जुड़ी शंकाओं के समाधान के लिए जल्दी ही FAQ (फ़्रीक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चन्स) की एक लिस्ट तैयार की जाएगी, जिसमें क़रीब एक दर्जन सवालों के जवाब होंगे.
आधार से जुड़ा विवाद तब और तेज़ हो गया जब ट्राई के चेयरपर्सन आरएस शर्मा ने ट्विटर पर अपना आधार नंबर शेयर कर दिया और इसकी बाद उनकी निजी जानकारियां ( अकाउंट नंबर, फ़ोन नंबर और पता) सामने आ गईं.